कहानी (1) :- 'घरौंदा'

*कथा लेखन :- (1)*

*घरौंदा*

नगर के नामी शाला की प्राथमिक शिक्षिका सरला जिनसे भी मिलती, उनके मन में अपना स्थान बना लेती। सरल, सुंदर युवती 'सरला' यूँ तो अंतर्मुखी लड़की थी किन्तु माता-पिता के साथ भाभी द्वारा किए जा रहें व्यवहार से आहत हो कभी-कभार अपने स्वभाव के विपरीत बहुत कुछ बोल जाती। सरला के मंगेतर रमेश को अक्सर यह शिकायत रहती कि वह जब भी फोन करता वह माता-पिता के लिए चिंतित रहती। 

"मम्मी जी, महंगाई बहुत बढ़ गई है। शक्कर और पत्ती के दाम तो आसमान छू रहें हैं, तो आज से आपकी और पिताजी की शाम की चाय बंद... अब आपको केवल सुबह ही चाय मिलेंगी..." भाभी के इन शब्दों ने तो सरला के सब्र के बाँध को तोड़ ही दिया। "भाभी, जबान संभालकर बोलिए। जब आप टू व्हीलर की जगह कार लेकर बाहर जाती है, पार्टी करती है, तब महंगाई की याद नहीं आती?" 

"सरला, तुम अपना काम करो। कुछ दिनों की मेहमान हो तो हमारे घर के मामले में अपनी नाक मत घुसाओ। बेटी हो, बेटी को तरह रहो, नहीं तो इन दोनों को अपने ससुराल ले जाना, या कहीं और व्यवस्था करा देना। अब हमसे इनके खर्चे नहीं उठाए जाते।" 

भाभी की इन बातों से ज्यादा सरला पर भाई की खामोशी वज्रपात कर रही थी। बहुत दिनों से मन में उठ रहे उधेड़-बुन पर विराम लगाते हुए, कुछ सोचकर सरला ने रमेश को फोन लगाया... "हॅलो रमेश, मैं शादी के बाद अपने माता-पिता को अपने साथ रखना चाहती हूँ... मैं बेटों की तरह शादी के बाद केवल पति नहीं बनना चाहती... मैं तुमसे जुड़े हर रिश्तों के साथ ताउम्र बेटी वाला मधुर रिश्ता निभाना चाहती हूँ... क्या तुम इस फैसले में मेरा साथ दोगे?"
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"... मैंने बहुत सोच-समझकर यह फैसला लिया है..."
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"... कोई बात नहीं रमेश... शादी के बाद अगर मैं अपने माता-पिता को तुम्हारे घर में नहीं रख सकती, तो तुम्हारे घर के लिए अवश्य कोई और लड़की बनी होगी, मैं नहीं... गुडबाय फॉरेवर...।"

(माता-पिता से) मम्मी-पापा आप लोग अपना सामान बाँध लीजिए। मैं अपनी सहेली से मिलने जा रहीं हूँ, उन्हें मकान के दो कमरे किराए पर चढ़ाने हैं... (कहकर वह तेजी से बाहर चली गई।  माता-पिता ईश्वर से अपनी गौरैया के लिए किसी योग्य गौरे संग उनके सुखी *घरौंदे* की कामना करते हुए गर्व-सम्मिलित अश्रु लिए अपना सामान समेटने लगे)।
*****

*स्वरचित मौलिक एवं अप्रकाशित कथा।*

श्रीमती माधुरी मिश्रा 'मधु'
15/06/21

Comments

  1. बहुत ही सकारात्मक सोच एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हुई कहानी है 💕👌👌👌👏👏👏

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  2. उम्मादा कहानी

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