संगीत सम्राज्ञी : लता मंगेशकर 'दीदी'
'दीदी' नहीं रहीं...!!! "दिनांक 06/02/2022, सभी भारतवासियों के लिए दुखद समाचार...! संगीत की एक अमूल्य निधि सदा-सर्वदा के लिए खो गई। ऐसा लग रहा है मानो, सभी स्वर खामोश हो गए हैं।" 'लता मंगेशकर' सिर्फ़ नाम नहीं... यह तो संगीत का एक युग है। ऐसा युग जो स्वर्णिम अक्षरों में इतिहास के पन्नों पर अंकित हो गया है। उनके जीवन का हर दिन ऐतिहासिक है। फिर चाहे बात उनके स्वभाव की हो, जीवन के संघर्ष की या सफलता के उच्चतम शिखर की...! सभी कुछ श्रोता-उर में चिरस्थायी हो चुके हैं। 'लता मंगेशकर', एक ऐसी महिला जिसने बचपन से (बारह वर्ष की उम्र में पहली रिकॉर्डिंग की) लेकर 92वें की उम्र तक लगातार एक नया इतिहास रचा है; जिसने संसार को नित विनम्रता, सहनशीलता, और हार न मानने की शिक्षा दी; जिसने संगीत-सम्राज्ञी बनकर भी शालीनता को कंठ के साथ-साथ आँखों में बसाएँ रखा...! 'दीदी'! निसंदेह, साक्षात माँ सरस्वती की बेटी थी। आज 8 बजकर 12 मिनट में उन्होंने इस लोक से विदा ली और संभवतः अब उनकी दिव्यात्मा माँ शारदे के लोक प्रस्थान कर चुकी है...! आखिर माँ भी तो इतने वर्ष अप...