प्यारी बहना... 💖

प्यारी बहना... 💖👭👭

हाँ, थोड़ी सख्त 'दी' हूँ मैं...
पर दिल में नमीं रखती हूँ।
आँखों से डराती रही सदा,
पर पलकों पर तुम्हें बिठाती हूँ।

हाँ, थोड़ी सख्त ही रही मैं...
तुम्हें हर ताप से जो बचाना था।
जमीं पर तुम्हारे दायरे बाँधती रही
क्योंकि हर उड़ान ऊँची बनानी थी।

हाँ, थोड़ी सख्त हूँ अब भी मैं...
समय की बर्बादी मुझे पसंद नहीं।
देखना चाहती हूँ तुम्हारे ख़्वाब हकीकत बनते,
कि अब भी तुमपर पैनी नज़र रखती हूँ।

हाँ, थोड़ी सख्त ही रहूँगी मैं...
वट-वृक्ष-सी फैली तुम्हारे सिर पर सदा।
जलाती धूप को छान शीतलता पहुँचाती,
अपनी शाखाओं से निकली जड़ों संग तुम्हें छूती भी रहूँगी।

हाँ, मैं सदा सख्त ही रहना चाहती हूँ...
कि मेरी सख्ती में तुम्हारा हित है बहना।

श्रीमती माधुरी मिश्रा 'मधु'
09/05/21

मेरी छोटी बहनों को मातृदिवस की ढेर सारी बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ।
🙏🙏🙏

Comments

  1. सख्त नारियल के समान, कठोर आवरण में एक कोमल हृदय। बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति👌

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत-बहुत धन्यवाद आपका नवल सर जी। 🙏🙏🙏🌷🌷

      Delete
  2. अति सुंदर एवं भावपूर्ण पंक्तियाँ 👌👌👌👏👏👏

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत-बहुत धन्यवाद प्रिय दीप्ति जी।🙏🙏🙏

      Delete

Post a Comment

Popular posts from this blog

कहानी (1) :- 'घरौंदा'

वक्त बदलेगा...🌹

कोशिश