परीक्षा : तनाव से फैसले तक
'परीक्षा : तनाव से फैसले तक'
कोराना से जनता हारी देखो विपदा बहुत बड़ी,
त्राहिमाम जनता पुकारे... कैसे सब इससे उबरें?
ऊपर से परीक्षा का तनाव बिना स्कूल ही बीता साल रे,
परीक्षार्थी असमंजस में..... कैसे होगा अब बेड़ा पार रे!
सरकार चेती... बैठक, चर्चा संग हुआ समीक्षा हर पहलू,
सीबीएससी दसवीं हो रद्द... आगे बढ़े परीक्षा बारहवीं।
है उद्देश एकमात्र यही... भारत का भविष्य सुरक्षित हो,
परीक्षाएँ तो प्रतिवर्ष होगी पर घात कहीं न किंचित हो।
नमन है देश के मुखिया को..... नतमस्तक 'मधु' होती है,
है लोक-सुरक्षा सर्वोपरि हम उस माटी पर जन्मीं बेटियाँ हैं।
श्रीमती माधुरी मिश्रा 'मधु'
नागपुर, महाराष्ट्र
14/04/21
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