मधु प्रेरणा (2)
"किसी भी वस्तु या व्यक्ति की उपेक्षा या निंदा करने से पहले हमें एक बार अपने मनोगत पर सूक्ष्मता से विचार अवश्य करना चाहिए।"
याद रखिए... "यूँ तो कालिख किसी को नहीं पसंद, हर कोई कालिख से बचता रहता है किन्तु छोटे बालकों को बुरी नज़र से बचाने के लिए बड़े प्रेम और आत्मीयता से स्वयं काजल की डिबिया से काजल निकाल बच्चों के नेत्रों व माथे पर लगाकर सुख का अनुभव करता है।"
श्रीमती माधुरी मिश्रा 'मधु'
11/04/21
बहुत सुंदर बात कही आपने 👏👏
ReplyDeleteTysm dear Dipti ji... Means a lot to me...☺🙏🌹
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